शनिवार, 7 जनवरी 2012

जनता के मरे बिहान होगे रे !!

जब  ले  हमर  सरकार बेईमान हो गे रे !!
जनता के मरे बिहान होगे रे !!

जांगर ओथिहा मन के भाग लहुट गे
लापरह मन जम्मो धनमान हो गे रे !!


कमइया मन के पेट जरत हे ,
अऊ भुखार्रा किसान हो गे रे !!

चोराहा, डाकू , अऊ ठग जग मन
कैसे देश के सियान होगे रे !!

पढ़े लिखे मन निचत ठगा गे
जकला  भकवा   सगीयान  होगे रे !

मंदहा, गंजगा ,अऊ जुटहा  मन सब
अब कुरसी माँ विराजमान होगे रे !!

राम किशन के नाम नंदा गे
कलयुग के इही मन भगवान होगे रे !!


जब  ले  हमर  सरकार बेईमान हो गे रे !!
जनता के मरे बिहान होगे रे !!


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