सोमवार, 11 जून 2012

हाइकु


ए मनटोरा
आ जाबे मोर घर
तोर  अगोरा

रात पहागे
काबर मोर घर
घुप अंधेरा ।

गरू हो जाथे
बाढ़े बेटी घलो हा
मुड़ के बोझा ।

चुनाव आगे
घर घर पउवा
रोज बटाही

का मजबुरी
विधायक बनगे
रेमटी टुरी ।

ग्राम सुराज
जुरमिल मसक
काय के लाज ।

ग्राम सुराज
सरपंच के दारू
कुकरा आज ।

तोर नाव के
हाथ मा गोदना हे
मन मा मया ।

दिया बुझागे
गरीब के घर मा
तेल सिरागे ।

पढ़ डारेस
अब सड़क नाप
मिलगे ठेका ।

मोर दुवारी
संसद होगे कर
चुगली चारी ।

शिक्षित माने
अब कोनो काकरो
काबर माने ।

नवा जमाना
पेट  के भितर ले
जम्मो सियाना ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें