शनिवार, 26 दिसंबर 2015

मालामाल होगे !

जिनगी सरहा पताल होंगे।
तोर मया जी के जंजाल होंगे।

छुटगे जम्मो संगी-संगवारी ,
घर म घलो बारा हाल होंगे।

नई बांचव मय ह हाय दादा !
ये बोकरा फोकट हलाल होंगे।

उत्ती बुड़तीरातदिन तोर सुरता
हिरदे म ये का भूचाल होंगे।

जबरन मय देखेव तोर सपना
गाँव भर म फोकट बवाल होंगे।

सिरतोन कहत हौ जेन मया म लुटगे ।
प्रसाद उही ह  मालामाल होंगे।

जेन दिन बिहिनियां ओला देखव
मोर बर उही नवा साल होंगे ।।

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